ग़ज़ल
हुआ क्या है, हुआ कुछ भी नहीं है
नया क्या है, नया कुछ भी नहीं है
अदाकारी ही उनकी ज़िंदगी है
जिया क्या है, जिया कुछ भी नहीं है
रवायत चढ़के बैठी है मग़ज़ में
पिया क्या है, पिया कुछ भी नहीं है
लिया है जन्म जबसे, ले रहे हैं
दिया क्या है, दिया कुछ भी नहीं है
कि ये जो लोग हैं, ये हैं ही ऐसे
किया क्या है, किया कुछ भी नहीं है
-संजय ग्रोवर
22-03-2016
हुआ क्या है, हुआ कुछ भी नहीं है
नया क्या है, नया कुछ भी नहीं है
अदाकारी ही उनकी ज़िंदगी है
जिया क्या है, जिया कुछ भी नहीं है
रवायत चढ़के बैठी है मग़ज़ में
पिया क्या है, पिया कुछ भी नहीं है
लिया है जन्म जबसे, ले रहे हैं
दिया क्या है, दिया कुछ भी नहीं है
कि ये जो लोग हैं, ये हैं ही ऐसे
किया क्या है, किया कुछ भी नहीं है
-संजय ग्रोवर
22-03-2016