Tuesday, 22 March 2016

कि ये जो लोग हैं, ये हैं ही ऐसे...

ग़ज़ल

हुआ क्या है, हुआ कुछ भी नहीं है
नया क्या है, नया कुछ भी नहीं है

अदाकारी ही उनकी ज़िंदगी है
जिया क्या है, जिया कुछ भी नहीं है

रवायत चढ़के बैठी है मग़ज़ में
पिया क्या है, पिया कुछ भी नहीं है

लिया है जन्म जबसे, ले रहे हैं
दिया क्या है, दिया कुछ भी नहीं है

कि ये जो लोग हैं, ये हैं ही ऐसे
किया क्या है, किया कुछ भी नहीं है

-संजय ग्रोवर
22-03-2016


2 comments:

  1. kya yaar tum bhi... lekin bahut achhi hai

    ReplyDelete
  2. What you have written in this post is exactly what I have experience when I first started my blog.I’m happy that I came across with your site this article is on point,thanks again and have a great day.Keep update more information.


    Dental Hospital In Chennai

    ReplyDelete

अंग्रेज़ी के ब्लॉग

हास्य व्यंग्य ब्लॉग